एक बार फिर पृथ्वी शॉ का अजीबोगरीब बयान, कहा- कुछ भी हो जाए नहीं करूंगा बल्लेबाजी में बदलाव - क्रिकट्रैकर हिंदी

एक बार फिर पृथ्वी शॉ का अजीबोगरीब बयान, कहा- कुछ भी हो जाए नहीं करूंगा बल्लेबाजी में बदलाव

पृथ्वी शॉ ने कहा कि, पर्सनली, मेरा मानना है कि मुझे अपना गेम बदलने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन हां मुझे थोड़ा और स्मार्ट होना पड़ेगा।

Prithvi Shaw (Photo Source: Twitter)
Prithvi Shaw (Photo Source: Twitter)

टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी पृथ्वी शॉ पिछले कुछ महीने से काफी सुर्खियों में हैं। दरअसल आईपीएल 2023 में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलने वाले पृथ्वी शॉ के लिए यह सीजन अच्छा नहीं रहा। उन्हें अपने खराब प्रदर्शन के कारण काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी। इतना ही नहीं वह आईपीएल के कुछ मैचों में टीम से बाहर भी रहें। वहीं खराब फार्म के कारण ही वह टीम इंडिया में भी जगह नहीं बना पा रहे हैं। हालांकि वह इन दिनों दिलीप ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आ रहे हैं।

वहीं हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में पृथ्वी शॉ ने अपनी बैटिंग स्टाइल को लेकर बात की। दरअसल उनका कहना है कि, वह अपने खेल में कोई बदलाव नहीं करने वाले। साथ ही उनका कहना है कि, कोई भी परफेक्ट नहीं होता बस आपको कड़ी मेहनत करने की जरूरत होती है।

मुझे अपना गेम बदलने की कोई जरूरत नहीं है-पृथ्वी शॉ 

बता दें The Indian Express से बातचीत करते हुए पृथ्वी शॉ ने कहा कि, पर्सनली, मेरा मानना है कि मुझे अपना गेम बदलने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन हां मुझे थोड़ा और स्मार्ट होना पड़ेगा। दरअसल मैं पुजारा सर की तक बैटिंग तो नहीं कर सकता, ना ही पुजारा सर मेरी तरह बैटिंग कर सकते हैं। उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा कि, इसलिए मैं वही चीजें करने की कोशिश कर रहा हूं जिनके कारण मैं यहां तक पहुंचा हूं, उदाहरण के लिए मान लें मेरी अग्रेसिव बैटिंग। मुझे ये बदलना बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

पृथ्वी शॉ ने आगे कहा कि, मैं सोचता हूं कि मेरे लिए हर गेम काफी महत्वपूर्ण है। भले ही मैं दिलीप ट्रॉफ़ी खेल रहा हूं या मेरा मुंबई का गेम, मुझे लगता है कि मेरे लिए अपना बेस्ट देना ही बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि आप हमेशा ही परफेक्ट रह सकते हैं लेकिन मैं ऐसा कुछ होने पर और कड़ी मेहनत करने की कोशिश जरूर करता हूं।

उन्होंने कहा कि, मैं गेंदबाज के साथ खेलने की कोशिश करता हूं, उनका ध्यान भटकाने की कोशिश करता हूं। दरअसल मेरी कोशिश रहती है कि बोलर्स को वो गेंद फेंकने के लिए मजबूर करूं, जो मैं चाहता हूं ना कि वो, जो उनकी पसंद है।

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